"ईश्वर के दिन रात और वर्ष महिने की गणना"
"ईश्वर के दिन रात और वर्ष महिने की गणना" क्या यह पता है कि ईश्वर के दिन रात और वर्ष महिने अगल होते हैं ? क्या यह अंतर जानते हैं कि ब्रह्मा जी के आयु गणना इन सब तरिका से भिन्न होता है और उनकी आयु कितनी हैं ? आईए जानते हैं - सहस्रयुगपर्यन्तमहर्यद्ब्रह्मणो विदुः। रात्रिं युगसहस्रान्तां तेऽहोरात्रविदो जनाः।। जो मनुष्य ब्रह्माके एक हज़ार चतुर्युगीवाले एक दिनको और सहस्त्र चतुर्युगीपर्यन्त एक रातको जानते हैं, वे मनुष्य ब्रह्माके दिन और रातको जाननेवाले हैं। अब गणना बताते है- सत्य, त्रेता, द्वापर और कलि-मृत्युलोक के इन चार युगको एक चतुर्युगी कहते हैं। ऐसी एक हजार चतुर्युगी बीतने पर ब्रह्माजी का एक दिन होता है और एक हजार चतुर्युगी बीतने पर ब्रह्माजी की एक रात होती है। दिन-रात की इसी गणनाके अनुसार सौ वर्षों की ब्रह्माजी की आयु होती है। ब्रह्माजी की आयु के सौ वर्ष बीतने पर ब्रह्माजी परमात्मा में लीन हो जाते हैं और उनका ब्रह्मलोक भी प्रकृति में लीन हो जाता है तथा प्रकृति परमात्मा में लीन हो जाती है। अब आईए आपको समान्य दिन रात गणना से क्रमबद्ध चतुयुर्गी बताते हूए ब्रह्मा जी के दिन रात तक...